Packet Food Expiry Date: पैकेट वाले खाने पर लिखी एक्सपायरी डेट कैसे समझें

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Packet Food Expiry Date: पैकेट वाले खाने पर एक्सपायरी डेट समझने का सीधा नियम यह है: दो तारीखें खोजिए। एक बनने या पैक होने की, दूसरी एक्सपायरी या “यूज़ बाय” की। एक्सपायरी या यूज़ बाय की तारीख निकल गई, तो सामान मत खाइए। “बेस्ट बिफोर” थोड़ा नरम शब्द है। वह ज्यादातर स्वाद और क्वालिटी की बात करता है, सुरक्षा की आखिरी सीमा की नहीं। मुश्किल यह है कि ये शब्द पैकेट पर अलग-अलग जगह, छोटे अक्षरों में और कभी-कभी धुंधले छपे होते हैं। इस आर्टिकल में आप तारीख ढूंढना, उसे सही पढ़ना और गड़बड़ी मिलने पर शिकायत करना, सब कदम-दर-कदम समझेंगे।

पैकेट पर कौन-सा शब्द क्या कहता है

जो शब्द सबसे ज्यादा दिखते हैं, उन्हें एक नजर में देख लीजिए:

पैकेट पर लिखा शब्दइसका मतलबआसान भाषा में
Mfg / Manufactured Onसामान बनने की तारीखयह कब बना
PKD / Packed Onपैक होने की तारीखयह कब पैक हुआ
Exp / Expiry Dateएक्सपायरी की तारीखइसके बाद मत खाइए
Use Byइस तारीख तक इस्तेमाल करेंइसके बाद मत खाइए
Best Beforeइस तारीख तक सबसे अच्छी क्वालिटीइसके बाद स्वाद या क्वालिटी घट सकती है
Batch No.किस खेप का माल हैशिकायत करते समय काम आता है

कंपनियां ये तारीखें कभी पैकेट के पीछे, कभी किनारे की पट्टी पर, कभी ढक्कन पर और कभी डिब्बे की तली पर छापती हैं। बनने की तारीख ऊपर की सील पर और एक्सपायरी नीचे लिखी हो, ऐसा भी आम है। इसलिए पैकेट घुमाकर पूरा देखिए।

FSSAI का नियम कम शब्दों में

खाने के लेबल के नियम FSSAI तय करती है। 2020 के लेबलिंग नियमों के हिसाब से:

  • पैकेट पर बनने या पैकिंग की तारीख लिखना जरूरी है।
  • एक्सपायरी या यूज़ बाय की तारीख लिखना भी जरूरी है।
  • नियमों में “यूज़ बाय”, “रिकमेंडेड लास्ट कंजंप्शन डेट” और “एक्सपायरी डेट” को एक ही चीज़ माना गया है। यानी वह तारीख जिसके बाद खाने में वह क्वालिटी और सुरक्षा बने रहने की संभावना नहीं रहती, जिसकी उपभोक्ता उम्मीद करता है।
  • “बेस्ट बिफोर” लिखना वैकल्पिक या अतिरिक्त जानकारी है।

इसी वजह से बाजार में कई तरह के पैकेट मिलते हैं। किसी पर तीनों शब्द होते हैं, किसी पर सिर्फ बेस्ट बिफोर। अगर आपको सिर्फ बेस्ट बिफोर दिखे, तो बनने या पैकिंग की तारीख जरूर देखिए और जरूरत हो तो दुकानदार या कंपनी से एक्सपायरी के बारे में पूछ लीजिए।

एक्सपायरी, यूज़ बाय और बेस्ट बिफोर में असली फर्क

इसे याद रखने का आसान तरीका:

  • एक्सपायरी / यूज़ बाय = सुरक्षा की आखिरी तारीख। खासकर दूध, दही, पनीर, ब्रेड, पैकेट वाला मांस-मछली और तैयार खाना जैसी चीजों में यह तारीख मायने रखती है, क्योंकि ऐसी चीजें जल्दी खराब होती हैं और खराबी हमेशा नाक या आंख से पकड़ में नहीं आती।
  • बेस्ट बिफोर = क्वालिटी की तारीख। बिस्किट, चिप्स, नमकीन, चॉकलेट, मसाले और डिब्बाबंद सूखे सामान पर यह ज्यादा दिखता है। तारीख के बाद स्वाद, कुरकुरापन या खुशबू कम हो सकती है।

बेस्ट बिफोर निकलने का मतलब यह नहीं कि सामान उसी दिन जहर बन जाता है। लेकिन इसे लापरवाही का लाइसेंस भी न समझें। कितना समय बीता है और सामान कैसे रखा गया था, इन दोनों पर बहुत कुछ निर्भर करता है।

तारीख पढ़ते समय ये गलतियां मत कीजिए

  • सिर्फ अंक लिखे हों तो: 08/27 का मतलब अगस्त 2027 है, 8 जुलाई नहीं। दो-दो अंकों के जोड़े में पहला महीना और दूसरा साल होता है।
  • सिर्फ महीना और साल लिखा हो: जैसे MAR 2027। ऐसे में तारीख को उसी महीने तक की मानिए। महीने के आखिरी दिनों में खरीदेंगे तो सामान के पास बहुत कम समय बचेगा।
  • “बनने से 6 महीने तक” जैसा वाक्य हो: तब गिनती आपको खुद करनी होगी। मान लीजिए पैकिंग की तारीख 10 जनवरी है और लिखा है “Best before 6 months from packaging”, तो तारीख 10 जुलाई तक की बनती है।
  • तारीख धुंधली या मिटी हुई हो: ऐसा सामान न लें। साफ न दिखने वाली छपाई भी लापरवाही का संकेत हो सकती है।

खरीदते समय 6 कदमों की जांच

  1. पैकेट घुमाकर बनने की तारीख और एक्सपायरी या यूज़ बाय की तारीख, दोनों ढूंढिए।
  2. आज की तारीख से मिलाइए कि कितने दिन बचे हैं। सोचिए कि आप इसे उतने दिन में खा पाएंगे या नहीं।
  3. सील देखिए। कटी, फटी या दोबारा चिपकाई हुई सील वाला पैकेट न लें।
  4. पैकेट फूला हुआ, डिब्बा पिचका हुआ या जंग लगा हो तो छोड़ दीजिए। फूला पैकेट अंदर गैस बनने का संकेत हो सकता है।
  5. लेबल पर रखने की शर्तें पढ़िए। जिस चीज़ पर “फ्रिज में रखें” लिखा है, वह दुकान में बाहर रखी हो तो तारीख से पहले भी खराब हो सकती है।
  6. ऑनलाइन ऑर्डर में डिलीवरी के वक्त ही तारीख देखिए, खासकर दूध, ब्रेड, अंडे और प्रोटीन पाउडर में।

खोलने के बाद ये दिखे तो मत खाइए

  • अजीब या खट्टी-बासी गंध
  • फफूंद, कीड़े या रंग में बदलाव
  • चिपचिपापन या अजीब बनावट
  • तेल या घी वाली चीज़ों में कड़वी गंध

तारीख ठीक होने पर भी इनमें से कुछ दिखे, तो सामान फेंक देना ही सही है।

बेस्ट बिफोर निकल जाए तो क्या करें

सूखा, बंद और कम नमी वाला सामान, जैसे चावल, दाल, मसाले या बिस्किट, तारीख के कुछ समय बाद भी ठीक मिल सकता है। यह सामान्य समझ की बात है, किसी पक्के नियम की नहीं। इस्तेमाल से पहले पैकेट, रंग, गंध और बनावट देखिए। दूध, दही, पनीर और तैयार खाने के लिए यह छूट न मानें। जहां यूज़ बाय या एक्सपायरी लिखी हो, वहां तारीख के बाद सामान इस्तेमाल न करें। संदेह हो तो बचाने के चक्कर में सेहत का जोखिम न लें।

बच्चों के खाने में ढील नहीं

शिशु आहार और इन्फैंट मिल्क सब्स्टीट्यूट जैसे उत्पादों के लिए FSSAI के नियमों में बेस्ट बिफोर की जगह यूज़ बाय, रिकमेंडेड लास्ट कंजंप्शन डेट या एक्सपायरी डेट बताना जरूरी माना गया है। एस्पार्टेम वाले उत्पादों पर भी यही बात लागू होती है। बच्चों का दूध, फॉर्मूला या दलिया खरीदते समय सील और तारीख दो बार देखिए। तारीख निकलने के बाद इन्हें किसी हालत में न दीजिए।

एक्सपायरी का सामान मिल जाए तो शिकायत ऐसे करें

  1. पहले दुकानदार या डिलीवरी करने वाली कंपनी को बताइए और सामान बदलने या पैसे लौटाने को कहिए।
  2. बात न बने तो FSSAI की 24 घंटे चलने वाली टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-112-100 पर शिकायत दर्ज कराइए।
  3. चाहें तो FSSAI के Food Safety Connect ऐप या ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत करें। इसमें एक्सपायर्ड सामान की बिक्री और गलत लेबल जैसी शिकायतें की जा सकती हैं, और शिकायत की स्थिति भी देखी जा सकती है।
  4. शिकायत से पहले पैकेट, बिल, खरीदने की जगह की जानकारी और बैच नंबर संभालकर रखिए। तारीख वाली जगह की साफ फोटो भी खींच लीजिए। शिकायत का टिकट नंबर लिखकर रख लें, ताकि बाद में उसकी स्थिति पूछ सकें।

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Laxmi Nautiyal

लक्ष्मी नौटियाल पिछले 5 सालों से कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रही हैं। उन्हें न्यूज, राजनीति, शिक्षा, मनोरंजन, खेल, बिजनेस और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वह इससे पहले कई वेबसाइट्स के लिए काम कर चुकी हैं। उनका मुख्य उद्देश्य पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना है। वह हर विषय पर रिसर्च करके ऐसा कंटेंट लिखने की कोशिश करती हैं, जिसे पाठक आसानी से समझ सकें और जिससे उन्हें जरूरी जानकारी मिल सके।

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