Indian Wedding Rituals: भारत के अलग-अलग राज्यों में शादी की अनोखी रस्में, जो हर प्रदेश को खास बनाती हैं

Published on:

Follow Us

Indian Wedding Rituals: भारत में शादी सिर्फ दो लोगों का नहीं, दो परिवारों और दो संस्कृतियों का मेल मानी जाती है। राजस्थान में दूल्हा तलवार से तोरण मारता है, तमिलनाडु में काशी यात्रा का नाटक होता है, बंगाल में दुल्हन पान के पत्तों के पीछे चेहरा छुपाकर आती है और बिहार में बारातियों को गारी (मीठी गालियां) सुनाई जाती हैं। हर राज्य और समुदाय की अपनी रस्में हैं। यहां कुछ चुनिंदा राज्यों की ऐसी ही अनोखी रस्मों की जानकारी है।

राजस्थान: तोरण और घुड़चढ़ी

राजस्थानी शादियों में दूल्हा घोड़ी पर सवार होकर दुल्हन के घर पहुंचता है, जिसे घुड़चढ़ी कहते हैं। दुल्हन के दरवाज़े पर लगे तोरण को वह तलवार या छड़ी से छूता है, जिसे तोरण मारना कहते हैं। माना जाता है कि इससे बुरी शक्तियां घर में प्रवेश नहीं करतीं। इसके बाद सास दूल्हे की आरती उतारती है।

पंजाब: जागो और चूड़ा

शादी से एक रात पहले “जागो” निकाली जाती है। इसमें परिवार की महिलाएं सजे हुए कलश में दीये रखकर नाचते-गाते मोहल्ले में घूमती हैं। दुल्हन को लाल-सफेद चूड़ा उसके मामा पहनाते हैं। शादी के बाद कुछ समय तक वह इसे पहने रहती है। दुल्हन की सहेलियां और बहनें उसकी चूड़ियों में कलीरे बांधती हैं।

गुजरात: पोंखवुं

गुजराती शादी में जब दूल्हा ससुराल पहुंचता है तो दुल्हन की मां उसका स्वागत करती है। वे आरती करती हैं और हंसी-मज़ाक में दूल्हे की नाक पकड़ने की रस्म निभाती हैं, जिसे पोंखवुं कहते हैं। यह दामाद को परिवार में अपनाने का तरीका है।

पश्चिम बंगाल: शुभ दृष्टि

बंगाली शादी की सबसे खूबसूरत रस्मों में से एक है शुभ दृष्टि। दुल्हन को पीढ़े पर बिठाकर उसके भाई सात बार दूल्हे के चारों ओर घुमाते हैं। इस दौरान वह पान के पत्तों से अपना चेहरा ढके रहती है। जब पत्ते हटते हैं, तो दोनों की पहली नज़र मिलती है। इस मौके पर शंख और उलू ध्वनि (महिलाओं की विशेष आवाज़) गूंजती है।

बिहार और उत्तर प्रदेश: गारी और कोहबर

यहां की शादियों में खाने के वक्त महिलाएं लोकगीतों में दूल्हे और बारातियों पर हंसी-मज़ाक भरे ताने कसती हैं, जिन्हें गारी कहते हैं। इसे बुरा नहीं माना जाता, बल्कि अपनापन समझा जाता है। शादी के बाद कोहबर रस्म होती है। इसमें घर की दीवारों पर चित्र बने कमरे में नवविवाहित जोड़े से खेल और हंसी-मज़ाक वाली रस्में करवाई जाती हैं।

तमिलनाडु: काशी यात्रा और ऊंजल

तमिल शादियों में काशी यात्रा की रस्म दिलचस्प है। दूल्हा हाथ में छाता और छड़ी लेकर संन्यासी बनकर काशी जाने का नाटक करता है। तब दुल्हन के पिता उसे रोकते हैं और अपनी बेटी से शादी का प्रस्ताव रखते हैं। इसके बाद ऊंजल रस्म में जोड़ा झूले पर बैठता है और महिलाएं उन्हें दूध-केला खिलाकर आशीर्वाद देती हैं।

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना: जीलाकर्र बेल्लम

तेलुगु शादी में पंडित जीरे और गुड़ को पीसकर लेप बनाते हैं। यह लेप दूल्हा-दुल्हन एक-दूसरे के सिर पर रखते हैं। जीरा कड़वा और गुड़ मीठा होता है, इसलिए यह जीवन के सुख-दुख में साथ निभाने का प्रतीक है। इसके बाद जोड़ा एक-दूसरे के सिर पर चावल और मोती डालता है, जिसे तलंब्रालु कहते हैं।

महाराष्ट्र: अंतरपाट

मराठी शादी में दूल्हा-दुल्हन के बीच एक कपड़ा (अंतरपाट) पकड़ा जाता है ताकि वे एक-दूसरे को देख न सकें। मंगलाष्टक पढ़े जाने के बाद जब यह कपड़ा हटता है, तो दोनों की पहली नज़र मिलती है। दूल्हा-दुल्हन के माथे पर बंधी फूलों या मोतियों की लड़ियां (मुंडावळ्या) भी यहां की खास पहचान हैं।

केरल: सादगी और थाली

केरल की पारंपरिक हिंदू शादी बेहद सादी होती है और अक्सर कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है। दूल्हा दुल्हन के गले में थाली या मंगलसूत्र बांधता है और दोनों माला पहनाते हैं। दुल्हन आमतौर पर सफेद-सुनहरी कसावु साड़ी पहनती है। भव्यता से ज़्यादा यहां परंपरा की शुद्धता को अहमियत दी जाती है।

कश्मीर: वज़वान की दावत

कश्मीरी शादी की पहचान वज़वान है, जिसमें कई तरह के मांसाहारी व्यंजन बड़े तांबे के बर्तनों में परोसे जाते हैं। मेहमान एक ही थाल (तरामी) में चार-चार लोग साथ बैठकर खाते हैं। यह मेहमाननवाज़ी और भाईचारे का प्रतीक है।

मेघालय: खासी समाज में उल्टी रीत

खासी समाज मातृसत्तात्मक है। यहां शादी के बाद आमतौर पर दूल्हा दुल्हन के घर रहने जाता है। परिवार की संपत्ति सबसे छोटी बेटी को मिलती है और बच्चे मां का उपनाम अपनाते हैं। यह रीत देश के बाकी हिस्सों से बिल्कुल अलग है।

यह भी पढ़ें : Bharat Ke Gaon Ki Anokhi Parampara: भारत के गांवों की अनोखी परंपराएं जिनकी झलक आज भी दिखाई देती है

Laxmi Nautiyal

लक्ष्मी नौटियाल पिछले 5 सालों से कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रही हैं। उन्हें न्यूज, राजनीति, शिक्षा, मनोरंजन, खेल, बिजनेस और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वह इससे पहले कई वेबसाइट्स के लिए काम कर चुकी हैं। उनका मुख्य उद्देश्य पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना है। वह हर विषय पर रिसर्च करके ऐसा कंटेंट लिखने की कोशिश करती हैं, जिसे पाठक आसानी से समझ सकें और जिससे उन्हें जरूरी जानकारी मिल सके।

For Feedback - khabar.bandhan@gmail.com

Leave a Comment

< PREV NEXT >