Diwali home cleaning tips : दिवाली आने से पहले ही घर में एक अलग हलचल शुरू हो जाती है। कहीं पंखों के जाले उतर रहे होते हैं, कहीं अलमारी से पुराना सामान निकल रहा होता है, और घर की महिलाओं के पास एक ही सवाल रहता है कि इतना सब कुछ कहाँ से शुरू करें। मान्यता है कि माँ लक्ष्मी साफ-सुथरे और रोशन घर में ही आती हैं, इसलिए दीपावली की सफाई सिर्फ रस्म नहीं, परंपरा का हिस्सा है। अच्छी बात ये है कि अगर सही प्लान बना लें तो ये काम थकाने वाला नहीं रहता। इस लेख में दीपावली की सफाई का दिन-वार प्लान, कमरे-वार चेकलिस्ट, सफाई का सामान और कुछ आसान घरेलू तरीके मिल जाएँगे, ताकि पूरा घर बिना हड़बड़ी के चमक जाए।
दिवाली से पहले घर की सफाई क्यों ज़रूरी मानी जाती है?
दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा होती है, और पुरानी मान्यता है कि लक्ष्मी जी वहीं ठहरती हैं जहाँ साफ-सफाई, रोशनी और सकारात्मक माहौल हो। इसीलिए कई घरों में धनतेरस से पहले ही पूरे घर की सफाई निपटा ली जाती है।
परंपरा के अलावा इसका एक सीधा-सा व्यावहारिक फायदा भी है। साल भर में घर के कोनों में धूल, जाले और बेकार सामान जमा हो जाता है। दिवाली की सफाई के बहाने सब कुछ एक बार निकलता है, पुराना हटता है और घर हल्का महसूस होता है। मेहमान आएँगे, पूजा होगी, सजावट होगी, तो साफ घर में सब कुछ ज़्यादा अच्छा भी लगता है।
दीपावली की सफाई कब से शुरू करें?
सबसे बड़ी गलती यही होती है कि सारा काम आखिरी दो-तीन दिन पर छोड़ दिया जाता है। फिर थकान भी होती है और सफाई भी आधी रह जाती है। अगर आप नौकरी करती हैं या घर में छोटे बच्चे हैं, तो इसे हिस्सों में बाँट लें।
दिवाली से 10-15 दिन पहले:
- घर की पूरी चेकलिस्ट बना लें और तय करें कि कौन सा कमरा किस दिन होगा
- सफाई का सामान खरीद लें
- पुरानी चीज़ें छाँटने का काम शुरू करें
- अगर रंगाई-पुताई, पेंट या मरम्मत करवानी है तो अभी करवा लें, क्योंकि बाद में मिस्त्री और मज़दूर मिलना मुश्किल होता है
- सोफे, पर्दे और गद्दों की dry cleaning या धुलाई के लिए दे दें
दिवाली से 7-10 दिन पहले:
- अलमारियाँ, दराज़ और स्टोर रूम साफ करें
- कपड़े छाँटें, जो नहीं पहनते उन्हें अलग करें
- रसोई की गहरी सफाई शुरू करें
- पंखे, ट्यूबलाइट और छत के जाले साफ करें
दिवाली से 3-4 दिन पहले:
- ड्राइंग रूम, बेडरूम और बाथरूम की सफाई
- पर्दे, चादरें और कुशन कवर बदलें
- खिड़की-दरवाज़े और शीशे चमकाएँ
धनतेरस और छोटी दिवाली:
- पूजा घर की सफाई और मूर्तियों-बर्तनों की पॉलिश
- मुख्य द्वार, बालकनी और आँगन की सफाई
- रंगोली, तोरण और दीयों की तैयारी
- फर्श का आखिरी पोछा
दिवाली के दिन:
- सिर्फ हल्की सफाई, जैसे फर्श पर झाड़ू-पोछा, और पूजा की जगह सजाना
- ज़्यादा भारी सफाई का काम एक दिन पहले ही खत्म कर लें
सफाई शुरू करने से पहले का सामान
बीच में सामान ढूँढने में काफी वक्त बर्बाद होता है। इसलिए पहले एक बार ये सब इकट्ठा कर लें।
साफ करने का सामान:
- झाड़ू, फर्श का वाइपर और पोछे के कपड़े
- लंबी डंडी वाला जाला झाड़ने का ब्रश
- microfibre कपड़े (धूल और शीशों के लिए अलग-अलग)
- स्क्रबर, ब्रश और पुराना टूथब्रश (कोनों के लिए)
- बाल्टी और मग
- फर्श क्लीनर, बाथरूम क्लीनर और ग्लास क्लीनर
- डिशवॉश लिक्विड या साबुन
- बेकिंग सोडा, सफेद सिरका और नींबू
सुरक्षा का सामान:
- रबड़ के दस्ताने
- मास्क (धूल से एलर्जी हो तो खास तौर पर)
- मज़बूत और स्थिर सीढ़ी या स्टूल
- पुराने कपड़े जो गंदे होने की चिंता न हो
सामान रखने का सामान:
- बड़े कचरे के थैले
- तीन डिब्बे या थैले: रखना है, दान करना है और फेंकना है
- पुराने अखबार
सफाई का सही क्रम: ऊपर से नीचे, अंदर से बाहर
सफाई का एक सीधा नियम है कि हमेशा ऊपर से शुरू करें और नीचे की तरफ आएँ। पहले छत और पंखे, फिर दीवारें और खिड़कियाँ, फिर फर्नीचर, और सबसे आखिर में फर्श। उल्टा करेंगे तो ऊपर की धूल नीचे गिरेगी और आपको फर्श दोबारा साफ करना पड़ेगा।
दूसरा नियम ये कि पहले अंदर के कमरे साफ करें और बाहर का हिस्सा, जैसे बालकनी, सीढ़ियाँ और मुख्य द्वार, आखिर में। एक बार में एक ही कमरा लें, पूरे घर में एक साथ हाथ न डालें, वरना हर जगह सामान बिखरा रहेगा और काम अधूरा लगेगा।
कमरे-वार दीपावली सफाई चेकलिस्ट
अब सबसे ज़रूरी हिस्सा। हर कमरे के लिए अलग लिस्ट है, ताकि आप एक-एक काम निपटाते जाएँ।
ड्राइंग रूम की सफाई
- छत और कोनों के जाले हटाएँ
- पंखे के पंख, ट्यूबलाइट और झूमर साफ करें
- पर्दे उतारकर धोएँ या dry clean करवाएँ
- सोफे के कुशन झाड़ें, कवर बदलें या सोफा वैक्यूम करें
- शोकेस, टीवी यूनिट और टेबल की धूल साफ करें
- शोपीस और फोटो फ्रेम पोंछें
- खिड़कियों के शीशे और ग्रिल साफ करें
- कालीन या दरी धूप में सुखाएँ और झाड़ें
- आखिर में फर्श का झाड़ू-पोछा
रसोई की सफाई
रसोई सबसे ज़्यादा मेहनत माँगती है, इसलिए इसके लिए एक पूरा दिन रखें।
- चिमनी या एग्जॉस्ट फैन का फिल्टर निकालकर गर्म पानी और डिशवॉश में भिगोएँ
- गैस चूल्हे और बर्नर को खोलकर साफ करें
- दीवार की टाइल्स से तेल और चिकनाई हटाएँ
- अलमारियाँ और दराज़ खाली करके अंदर पोछें
- खराब हो चुके या एक्सपायर हो चुके मसाले, राशन और पैकेट बाहर करें
- फ्रिज खाली करके अंदर-बाहर साफ करें
- माइक्रोवेव, मिक्सर और बाकी उपकरण साफ करें
- सिंक और नाली साफ करें
- डिब्बों को धोकर, सुखाकर वापस लगाएँ
- कूड़ेदान को धोकर धूप में सुखाएँ
बेडरूम की सफाई
- पंखे और छत के कोने साफ करें
- गद्दे को पलटें और धूप में रखें या वैक्यूम करें
- चादर, तकिए के कवर और कंबल धोएँ
- अलमारी खाली करके छाँटें और व्यवस्थित लगाएँ
- बेड के नीचे का सामान निकालकर सफाई करें
- ड्रेसिंग टेबल और शीशे साफ करें
- दराज़ में पुरानी या खत्म हो चुकी चीज़ें हटाएँ
- खिड़कियाँ और पर्दे साफ करें
बाथरूम की सफाई
- टाइल्स और फर्श पर जमे दाग-धब्बे रगड़कर साफ करें
- नल और शॉवर पर लगी सफेद परत नींबू या सिरके से हटाएँ
- वॉश बेसिन और शीशा चमकाएँ
- टॉयलेट सीट और फ्लश टैंक साफ करें
- नाली का जाल साफ करें
- बाल्टी और मग धोएँ
- पुराने टूथब्रश, साबुन और खाली शैम्पू की बोतलें हटाएँ
- एग्जॉस्ट फैन साफ करें
पूजा घर की सफाई
पूजा घर की सफाई थोड़ी अलग और ज़्यादा सावधानी से की जाती है।
- मूर्तियाँ और तस्वीरें हटाकर एक साफ कपड़े पर रखें
- मंदिर के अंदर और आसपास की धूल पोंछें
- पीतल या ताँबे के बर्तन, दीये और घंटी पॉलिश करें
- पुराने सूखे फूल, माला और पुरानी अगरबत्ती की राख हटाएँ
- मूर्तियों को सूखे या हल्के गीले कपड़े से धीरे से पोंछें
- मंदिर में नया कपड़ा बिछाएँ
- गंगाजल छिड़ककर जगह को शुद्ध करें
पीतल और ताँबा चमकाने का आसान तरीका: नींबू के आधे टुकड़े पर नमक या बेकिंग सोडा लगाकर बर्तन पर रगड़ें, फिर पानी से धोकर सुखा लें। इमली के गूदे से भी अच्छी चमक आती है।
मुख्य द्वार, बालकनी और आँगन
- दरवाज़े और चौखट को पोंछें
- नेमप्लेट और डोरबेल साफ करें
- पायदान धोएँ या नया लगाएँ
- बालकनी के फर्श को पानी से धोएँ
- गमलों से सूखे पत्ते हटाएँ और पौधों के आसपास सफाई करें
- छत या आँगन में पड़ा बेकार सामान हटाएँ
- रंगोली वाली जगह को अच्छे से साफ करके सुखा लें
स्टोर रूम और बच्चों का कमरा
- स्टोर रूम का सारा सामान निकालें और छाँटें
- टूटे बर्तन, खराब उपकरण और बेकार डिब्बे बाहर करें
- बच्चों के पुराने खिलौने, किताबें और छोटे हो चुके कपड़े अलग करें
- जो अच्छी हालत में हैं उन्हें दान के डिब्बे में रखें
- स्कूल बैग, किताबों की अलमारी और पढ़ाई की टेबल साफ करें
पुराना सामान छाँटने का आसान तरीका
सफाई का असली मज़ा तभी आता है जब घर में जगह बने। इसके लिए एक आसान तरीका अपनाएँ, तीन डिब्बे बना लें।
1. रखना है: जो चीज़ पिछले एक साल में इस्तेमाल हुई हो या जिसकी सच में ज़रूरत हो।
2. दान करना है: जो चीज़ अच्छी हालत में है पर आप इस्तेमाल नहीं करते, जैसे पुराने कपड़े, जूते, खिलौने, किताबें और बर्तन। इन्हें ज़रूरतमंद लोगों, किसी संस्था या आस-पास के कर्मचारियों को दे सकते हैं।
3. फेंकना है: टूटी हुई चीज़ें, फटे कपड़े, एक्सपायर हो चुकी दवाइयाँ, सूख चुके पेन और रंग, बेकार तार और खराब बैटरी।
एक बात ज़रूर याद रखें: जिस चीज़ को आप तीन बार हाथ में लेकर रख चुके हैं और फिर भी फैसला नहीं हो रहा, उसे दान वाले डिब्बे में डाल दें। भावनात्मक सामान, जैसे पुरानी तस्वीरें और चिट्ठियाँ, उन्हें एक अलग डिब्बे में सँभालकर रखें और बाद में आराम से देखें।
पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामान, बैटरी और बल्ब को सीधे कूड़े में न फेंकें। उन्हें कबाड़ी या e-waste लेने वाली जगह पर दें।
सफाई के लिए कुछ आसान घरेलू तरीके
हर दाग के लिए महँगा क्लीनर ज़रूरी नहीं। रसोई की कुछ चीज़ें ही काफी काम आती हैं।
- शीशे और खिड़कियाँ: पानी और सफेद सिरके को बराबर मात्रा में मिलाकर स्प्रे करें और अखबार या microfibre कपड़े से पोंछें। चमक अच्छी आती है।
- चिकनाई वाली टाइल्स: बेकिंग सोडा और गर्म पानी का घोल लगाकर कुछ देर छोड़ें, फिर स्क्रब करें।
- नल और सिंक पर सफेद दाग: नींबू का रस या सिरका लगाएँ, कुछ देर बाद रगड़कर धो लें।
- चूल्हे के बर्नर: गर्म पानी में डिशवॉश और थोड़ा सा सोडा डालकर भिगोएँ, फिर ब्रश से साफ करें।
- बदबू वाली नाली: नाली में बेकिंग सोडा डालें, ऊपर से सिरका डालें और कुछ देर बाद गर्म पानी बहा दें।
- बाथरूम के हल्के दाग: नींबू और नमक का मिश्रण लगाकर रगड़ें।
- फ्रिज की बदबू: एक कटोरी में बेकिंग सोडा रखकर फ्रिज में छोड़ दें।
एक ज़रूरी सावधानी: अलग-अलग क्लीनर को आपस में मिलाकर कभी इस्तेमाल न करें। खासकर ब्लीच को सिरके या अमोनिया वाले क्लीनर के साथ मिलाने से ज़हरीली गैस बन सकती है, जो साँस के लिए खतरनाक है। एक बार में एक ही चीज़ इस्तेमाल करें और कमरे की खिड़की खुली रखें।
सफाई के बाद घर को सजाने से पहले क्या करें
साफ-सफाई के बाद सजावट का काम आसान हो जाता है।
- पुराने पर्दे, कुशन कवर और चादरें बदलें। इससे ही घर नया लगने लगता है
- पुरानी या खराब हो चुकी लाइट्स की जगह नई बल्ब या लड़ियाँ लगाएँ
- दरवाज़े पर तोरण या आम के पत्तों की बंदनवार लगाएँ
- घर के कोनों में दीये और छोटे सजावटी लैंप रखें
- रंगोली और फूलों से मुख्य द्वार सजाएँ
- ताज़े फूल या खुशबूदार अगरबत्ती से घर महकाएँ
- पौधों को गमलों में सजाएँ, इससे घर में ताज़गी आती है
दीपावली की सफाई में क्या न करें
- पूरे घर की सफाई एक ही दिन में निपटाने की कोशिश न करें
- सीढ़ी या स्टूल पर चढ़ते वक्त बिना सहारे के ऊँचाई पर न पहुँचें
- कई तरह के क्लीनर मिलाकर इस्तेमाल न करें
- गीले हाथ से बिजली के स्विच, सॉकेट या उपकरण न छुएँ, सफाई से पहले मेन स्विच बंद कर दें
- पूजा की मूर्तियों को तेज़ केमिकल या बहुत सख्त ब्रश से न रगड़ें
- शाम ढलने के बाद, खासकर दिवाली की शाम, घर में झाड़ू लगाने से कई घरों में परहेज़ किया जाता है, इसलिए सफाई पहले ही कर लें
- पुरानी झाड़ू को ऐसी जगह न रखें जहाँ आते-जाते उस पर पैर पड़े
- सारा कचरा सीधे घर के बाहर या मुख्य द्वार के पास न इकट्ठा करें, उसे अलग से सही जगह पर डालें
- बच्चों और बुज़ुर्गों को सफाई के दौरान धूल और केमिकल के पास न रहने दें
कामकाजी महिलाओं और छोटे घर वालों के लिए टिप्स
1. रोज़ सिर्फ एक घंटा दें। अगर पूरे दिन का समय नहीं निकाल सकते, तो रोज़ शाम को एक घंटा सिर्फ एक कमरे या एक अलमारी के लिए रखें। दस दिन में पूरा घर हो जाएगा।
2. सब मिलकर करें। पूरा काम खुद पर न लें। बच्चों को खिलौने और किताबें छाँटने, पति को ऊँची जगह की सफाई और जाले हटाने का काम दें। सब साथ करेंगे तो काम हल्का और मज़ेदार हो जाता है।
3. मदद लेना बुरा नहीं है। अगर घर बड़ा है या समय कम है, तो किसी professional cleaning service या घर की मदद करने वाली सहायिका से कुछ हिस्सों में मदद ले सकते हैं। बजट पहले ही पूछ लें, क्योंकि त्योहार के पास रेट बढ़ जाते हैं।
4. छोटे घर में एक कमरा एक दिन। छोटे फ्लैट में सामान रखने की जगह कम होती है, इसलिए एक बार में एक कमरा ही निकालें और उसी दिन वापस सजा दें।
5. संगीत लगाकर काम करें। भजन या अपने पसंद के पुराने गाने लगाकर सफाई करने से थकान कम लगती है।
6. सफाई के बीच में पानी और आराम। खासकर धूल और ऊँचाई पर काम करते हुए बीच-बीच में बैठकर पानी पिएँ। अगर किसी को अस्थमा या धूल से एलर्जी है तो उन्हें धूल वाले काम से दूर रखें।
ध्यान देने वाली ज़रूरी बातें: दीपावली की सफाई से पहले ये जान लें
- सफाई कब शुरू करें: दिवाली से 10-15 दिन पहले हल्की शुरुआत करना सबसे अच्छा रहता है। धनतेरस से पहले ज़्यादातर सफाई खत्म कर लें, ताकि आखिरी दिनों में सिर्फ सजावट और पूजा की तैयारी बचे।
- पहले कौन सा कमरा लें: पहले स्टोर रूम, अलमारियाँ और रसोई जैसी भारी जगहें निपटाएँ। ड्राइंग रूम और पूजा घर आखिर में लें, ताकि उनमें दोबारा गंदगी न आए।
- सफाई ऊपर से नीचे करें: पहले छत और पंखे, फिर दीवारें, फिर फर्नीचर, और सबसे आखिर में फर्श। इससे एक ही जगह दो बार साफ नहीं करनी पड़ेगी।
- पुराने सामान का क्या करें: अच्छी हालत की चीज़ें दान करें, बेकार चीज़ें फेंकें, और इलेक्ट्रॉनिक कचरा सही जगह पर दें।
- पूजा घर की सफाई सबसे सावधानी से: मूर्तियों को हल्के हाथ से साफ करें, बर्तन नींबू और नमक या इमली से चमकाएँ, और कोई तेज़ केमिकल न लगाएँ।
- सुरक्षा का ध्यान रखें: सीढ़ी मज़बूत हो, बिजली का स्विच बंद हो, अलग-अलग क्लीनर आपस में न मिलें, और बच्चे-बुज़ुर्ग धूल से दूर रहें।
- बजट पहले तय करें: रंगाई-पुताई, पर्दे, लाइट्स और सजावट पर कितना खर्च करना है, ये पहले सोच लें। साफ-सुथरा घर ही सबसे बड़ी सजावट है।
- सफाई की चेकलिस्ट बनाकर रखें: ऊपर दी गई कमरे-वार लिस्ट को मोबाइल में सेव कर लें या प्रिंट निकालकर फ्रिज पर चिपका लें, ताकि हर काम के बाद उसे काट सकें और कुछ छूटे नहीं।
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